मानसून के मौसम में होने वाली बीमारीयां और कैसे करें बचाव ?

बारिश के मौसम में बीमारियों के होने का खतरा अधिक बन जाता है। आइए आपको बताते हैं कि मानसून के मौसम में आपको कौन कौन सी बीमारियां हो सकती हैं और इनका किस तरीके से बचाओ किया जा सकता है ।

मानसून में होने वाली आम बीमारी डेंगू

कैसे करें बचाव  ?

-  डेंगू मानसून में सबसे गंभीर समस्या है. यह मच्छरों के काटने से होता है. इसमें मरीज़ को तेज़ बुखार आता है और शरीर में चकत्ते भी पड़ने लगते हैं. ब्लड में प्लेटलेट्स कम होने लगते हैं. यदि तुरंत इलाज न कराएं, तो जान को भी खतरा हो सकता है. इसलिए इस मौसम में जब भी बुखार आए, तो इसे हल्के में ना लें. डॉक्टर के पास ज़रूर जाएं |

-  किसी के कहने पर या मेडिकल स्टोर्स द्वारा बताई गई दवा न लें |

-  घर के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें |

-  घर में कूलर है, तो उसकी साफ़-सफ़ाई नियमित रूप से करते रहें |

-  ध्यान रहे कि डेंगू के मच्छर साफ़ पानी में पनपते है |

 

डायरिया

-  यह इंफेक्शन के कारण होता है | इसमें पेटदर्द, उल्टियां होती हैं, जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है.

-  मरीज़ को बार-बार O.R.S का घोल पिलाते रहें. हल्का भोजन दें. खिचड़ी का सेवन ठीक रहेगा |

-  डॉक्टर को ज़रूर दिखाएं और उनसे सलाह-मशवरा लें.



मलेरिया

-  इसमें मरीज़ को तेज़ बुखार के साथ ठंड लगती है |

-  इससे बचाव के लिए मानसून के मौसम में आसपास पानी जमा न होने दें |

-  रात में मच्छरदानी का उपयोग करें |

-  घर में मच्छर, मक्खी और अन्य कीड़े-मकौड़ों से बचने के लिए अच्छी ब्रांड के कीटाणुनाशक का इस्तेमाल करें, क्रीम लगाकर सोएं | 



पैरों के फंगल इंफेक्शन

-  बरसात के दिनों में पैरों की उंगलियों के बीच का नर्म हिस्सा एथलीट्स फुट फंगल इंफेक्शन का शिकार हो जाता है. इससे खुजली, जलन, फफोले, त्वचा फटना आदि होने लगते हैं. फंगल इफेक्शन अक्सर खुजली, दाद, रिंगवॉर्म आदि से होते हैं यह मानसून में होने वाली एक आम बीमारी होती है |

-  फंगल इंफेक्शन होने पर बराबर मात्रा में पानी और सिरका मिलाकर पैरों को 5-10 मिनट तक इसमें डुबोकर रखें. फिर पैर निकालकर अच्छी तरह से पोंछकर एंटी फंगल क्रीम लगाएं.

- जुराबे कॉटन के और साफ़ पहनें. त्बचा को नमी और अधिक गर्म वातावरण से बचाएं. नहाने वाले पानी में कुछ बूंदें एंटीसेप्टिक की जैसे Dettol या नीम के पत्ते मिलाकर नहायें | यदि बरसात में भीग गए हों, तो घर आने पर नहा लें या फिर पैरों को अच्छी तरह से धो लें |

 

NOTE:

- मानसून में फिल्टर्ड और उबला हुआ पानी ही पीएं।

- पॉलिस्टर और नायलॉन के टाइट कपड़े व इनरवेयर न पहनें. शरीर को अधिक देर तक गीला न रहने दें और न ही गीले कपड़े पहने रहें |

- मानसून के मौसम में पाचन क्रिया कमज़ोर हो जाती है, जिससे डायरिया या फूड पॉइज़निंग होने की संभावना अधिक रहती है, इनसे बचने के लिए अपने खानपान पर विशेष ध्यान दें | 


Dana Shivam Heart & Super Speciality Hospital © 2018. All right reserved.